प्राण प्र‎‎तिष्ठा समारोह के चलते पु‎लिस कर रही है छानबीन, देनी होगी सारी जानकारी


अयोध्या । अयोध्या में अब होटल-गेस्ट हाउस की एडवांस बुकिंग नहीं हो सकेगी। इसके अलावा समारोह के दौरान एडवांस बु‎किंग भी कैं‎‎सिल करा दी गई है। ता‎कि सरकारी मेहमानों के ‎लिए कमरे बुक ‎किए जा सकें। गौरतलब है ‎कि 22 जनवरी को भगवान श्री राम की प्राण प्रतिष्ठा का कार्यक्रम है। इस कार्यक्रम में बड़ी तादाद में अति विशिष्ट अतिथियों का आना तय है। इसे देखते हुए सरकार ने अयोध्या के होटलों व गेस्ट हाउसों में एडवांस बुकिंग बंद करा दी है। सीएम योगी आदित्यनाथ ने इसके लिए आदेश भी जारी कर दिया है। ‎जिस के बाद सरकारी अमला एक्शन में आ गया है। जिले के अधिकारियों ने छोटे से बड़े गेस्ट हाउस तक की सुरक्षा जांच शुरू कर दी है। अस ‎सिल‎सिले में पुलिस की टीम हनुमान गढ़ी के पास स्थित श्री राम होटल पहुंची। पुलिस ने यहां वेरिफिकेशन से लेकर सारी डिटेल मांगी है। पुलिस ने सबसे पहले रजिस्टर देखा। पुलिस की जांच में जो बिंदु शामिल हैं उनमें होटेल में कितने कमरे हैं? कितने खाली और कितने में गेस्ट हैं? कितने मेल, कितने फीमेल और बच्चे हैं? कोई विदेशी तो नहीं ठहरा? अगर स्टे किया है तो किस देश का है और कब तक रुकेगा? आ‎दि शामिल हैं। 
प्राप्त जानकारी के मुताबिक अयोध्या के होटलों और गेस्ट हाउसों को यह अपडेट रोज ईमेल के जरिये जिला प्रशासन को दी जानी है। दूसरी ओर प्रशासन की तरफ से होटल मालिकों के साथ लगातार बैठकें चल रही हैं। उनसे कहा जा रहा है कि कोई भी संदिग्ध व्यक्ति दिखे या किसी पर शक हो तो फौरन पुलिस को सूचना दें। एहतियातन पुलिस होटलों का औचक निरीक्षण भी कर रही है। पूरे अयोध्या शहर में सुरक्षा जांच और वेरिफिकेशन के लिए टीमें गठित की गई हैं। हर टीम को अलग-अलग क्षेत्रों में बांटा गया है। ताकि कोई भी कोना सुरक्षा जांच से अछूता न रहे। होटल मालिक और अयोध्या व्यापार मंडल के अध्यक्ष पंकज गुप्ता ने  बताया कि अयोध्या में रूम की काफी डिमांड है। प्राण प्रतिष्ठा के एक महीने पहले ही यह मांग काफी बढ़ी है। 
उन्होंने कहा ‎कि प्रशासन की तरफ से ट्रस्ट के इनविटेशन पर आने वाले लोगों को रूम उपलब्ध कराने की प्रमुखता देने को कहा है। अयोध्या में बढ़ते पर्यटकों के चलते बड़ी संख्या में छोटे-छोटे गेस्ट हाउस हैं, तो बड़े होटल भी हैं। प्रशासन के सामने चुनौती अयोध्या पहुंचने वाले महमानों को ठहराने की और उनकी सुरक्षा की है। ऐसे में चप्पे चप्पे पर सुरक्षा जांच और वेरिफिकेशन किया जा रहा है। अनुमान है कि 22 जनवरी के बाद से अयोध्या में हर दिन दो लाख के करीब श्रद्धालु दर्शन के लिए आएंगे। जबकि, विशेष तिथियों पर ये संख्या उससे अधिक जा सकती है। अब तक अयोध्या में 5000 से ज्यादा घरों को होटलों में परिवर्तित कर दिया गया है।